STD rog ka lakshan aur upchar

यौन संचारित रोग:- लक्षण, प्रकार और उपचार (STDs – Sexually Transmitted Disease in Hindi)

यौन संचारित रोग को एसटीडी (STDs) रोग भी कहा जाता है। यह रोग सेक्स, विशेष रूप से गुदा, सेक्स योनि संभोग या मौखिक सेक्स से फैलती हैं। एसटीडी रोग यौन संबंधित रोग होता है जो महिला और पुरुष दोनों में हो सकता है। यह रोग किसी भी तरह के यौन संपर्क में आने से हो सकता है। आज इस ब्लॉग में हम एसटीडी (STDs) रोग के लक्षण, प्रकार और उपचार के बारे में बताएंगें। 

यौन संचारित रोग क्या है (What is Sexually Transmitted Disease in Hindi) 

शारीरिक सम्बन्ध बनाने के माध्यम से एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में फैलने वाले रोग को यौन संचारित रोग (Sexually Transmitted Disease) कहा जाता है इसे रतीज रोग तथा जनन मार्ग संक्रमण भी कहते है।

जब कोई व्यक्ति बिना कंडोम के सेक्स करता है तब भी एसटीडी रोग होने की सम्भावना बनी रहती है। एसटीडी को यौन संचारित संक्रमण (Sexually Transmitted Infections- STIs) भी कहा जाता है।

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यौन संचारित रोग (STDs) के लिए जो जीव जिम्मेदार हैं वो परजीवी, बैक्टीरिया, खमीर या वायरस हो सकते हैं। उदाहरणों में गोनोरिया, जननांग दाद, मानव पैपिलोमावायरस संक्रमण, एचआईवी/एड्स क्लैमाइडिया और सिफलिस शामिल हैं।  

एसटीडी (STDs) केवल सेक्स के द्वारा ही पारित नहीं होता है इनमें से कुछ रोगों का संक्रमण निम्न माध्यम से भी पारित हो सकता है:

  1. यह किसी रोग से पीड़ित व्यक्ति की सुई (इंजेक्शन) या शेविंग ब्लेड का उपयोग करने से हो सकता है। 
  2. छिली हुई त्वचा या खुले घावों से। 
  3. संक्रमित व्यक्ति का तौलिया या बिस्तर का उपयोग करने से। 
  4. स्तनपान से। 

और पढ़ें:- क्या गर्भावस्था के दौरान यौन संबंध बनाना सुरक्षित होता है

यौन संचारित रोग के लक्षण (Symptoms of Sexually Transmitted Disease in Hindi)

  • बुखार और पेट में दर्द होना।
  • योनि या लिंग से असामान्य स्राव होना।
  • जननांग में मस्सा या घाव होना। 
  • पेशाब या सेक्स के दौरान दर्द होना। 
  • योनि में बदबू का आना। 
  • जननांग में खुजली होना। 
  • वजन घटना और रात को पसीना होना। 

यौन संचारित रोग के प्रकार (Types of Sexually Transmitted Disease in Hindi)

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गोनोरिया (Gonorrhoea):-

गोनोरिया बैक्टीरीया के कारण होने वाला एक यौन संचारित रोग है जो यौन सम्बन्ध बनाने के दौरान आसानी से स्थानांतरित होता है लगभग 10% पुरुष और 50% महिलाएं इसके किसी लक्षण का अनुभव नहीं करते और इस बात से अनजान होते हैं। 

गोनोरिया रोग से ग्रस्त होने के दो दिन से लेकर दो हफ्ते के भीतर पुरुषों को पेशाब में जलन और बाद में गाढा मवाद या खूनी पेशाब होना इसके प्रमुख लक्षण होते है। महिलाओं को पेशाब में जलन और सफ़ेद पानी, कमर में दर्द, बांझपन और फैलोपियन ट्यूब्स में सूजन आदि होती है। गोनोरिया का समय से इलाज न करवाने से निम्न समस्याएं हो सकती है: 

  • बांझपन की समस्या 
  • समय से पहले प्रसव (delivery) होना 
  • नवजात बच्चों में गंभीर स्वास्थ्य समस्या होना  

जननांग दाद (genital herpes):-

विश्व स्वास्थ्य संगठन की रिपोर्ट के अनुसार दुनियाभर में लगभग 50 वर्ष की उम्र के आयु वाले लोगों में लगभग 2/3% लोग हर्पीस सिम्पलेक्स वायरस (Herpes simplex virus, HSV) से ग्रस्त है मुँह में छाले भी हर्पीस के कारण होता है। 

अगर इस बीमारी का लक्षण दिखाई दे तो जल्द से जल्द इलाज शुरू कर देना चाहिए। हर्पीस एक यौन रोग होता है जो शारीरिक सम्बन्ध द्वारा फैलता है। यह रोग दो प्रकार का होता है पहला ओरल और दूसरा जेनिटल इसको HSV 1 और HSV 2 वायरस भी कहा जाता है इस बीमारी को एंटीवायरल औषधियों द्वारा नियंत्रित कर सकते है।

मानव रोगक्षमपयॉप्तता विषाणु (Human Immunodeficiency virus (HIV)):- 

मानव रोगक्षमपयॉप्तता विषाणु यानि HIV एक विषाणु होता है जो शरीर के रोग प्रतिरोधक क्षमता पर नकारात्मक प्रभाव डालता है और यह प्रतिरोधक क्षमता को कमजोर कर देता है। हर दो तीन दिन में बार बार बुखार आना और तेज बुखार होना HIV का लक्षण होता है। बार बार थकान महसूस होना HIV का शुरुआती लक्षण होता है। 

उपदंश (Syphilis):- 

सिफलिस एक बैक्टीरीयल संक्रमण होता है जो संक्रमित व्यक्ति से शारीरिक सम्बन्ध बनाने से होता है। यह प्रजनन अंगों से होने वाला संक्रमण होता है। अगर उपदंश (syphilis) का समय पर इलाज न करवाया जाए तो यह एक गंभीर समस्या बन सकती है सिफलिस के निम्न लक्षण हो सकते है:

  • थकान होना 
  • बुखार होना
  • चकत्ते 
  • मांसपेशियां में दर्द होना 

मानव पैपिलोमावायरस संक्रमण (Human papillomavirus Infection (HPV)):-

मानव पैपिलोमावायरस एक संक्रमण होता है जिससे निम्न स्वास्थ्य समस्या हो सकती है:  

  • गर्भाशय ग्रीवा में कैंसर हो सकता है। 
  • लिंग कैंसर हो सकता है। 
  • योनि कैंसर हो सकता है। 
  • मुख कैंसर हो सकता है।
  • मलाशय का कैंसर हो सकता है। 

क्लैमाइडिया (chlamydia):- 

क्लैमिडिया एक आम यौन संचारित रोग है जो सेक्स से दौरान आसानी से स्थानांतरित हो जाता है बहुत से लोगों में क्लैमिडिया के लक्षण नहीं दिखाई देते है। यदि यह रोग होता है तो इसके लक्षण भी गोनोरिया के लक्षण की तरह ही होते है। क्लैमिडिया का इलाज न करने पर निम्न परेशानियां होने की सम्भावना बनी रहती है:

  • पेल्विक इंफ्लेमेटरी डिजीज होना।
  • बांझपन होना। 
  • नवजात शिशु में अंधेपन की समस्या होना।

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यौन संचारित रोग का उपचार (Treatment of Sexually Transmitted Disease in Hindi) 

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यौन संचारित रोग का एकमात्र उपचार संयम और पार्टनर के साथ वफादारी है। एसटीडी (STDs) का इलाज इसके प्रकार पर निर्भर करता है नीचे यौन संचारित रोग का निम्न उपचार बताया गया है:

  1. शारीरिक सम्बन्ध बनाते समय सुरक्षा का विशेष ध्यान देना चाहिए इसके अलावा सेक्स करने से पहले कंडोम का उपयोग करें। 
  2. यौन सम्बन्ध बनाने के बाद महिला को अपने जननांगों की अच्छे से सफाई कर लेनी चाहिए ताकि किसी प्रकार के संक्रमण का जोखिम न बना रहें। पुरुषों को भी अपने गुप्त अंगों की अच्छे से सफाई कर लेनी चाहिए। 
  3. शारीरिक संबंध बनाने से पहले पुरुष और महिला दोनों को अपनी जांच करवानी चाहिए। समय समय पर यौन जांच करवाते रहना चाहिए। 
  4. यौन सम्बन्ध बनाने के दौरान शराब और किसी प्रकार की नशीले पदार्थ या दवाइयों का सेवन न करें क्योंकि यह यौन संचारित रोग के खतरे को बढ़ा देता है। 
  5. यौन संचारित रोग को रोकने का सबसे अच्छा तरीका कुछ समय तक शारीरिक सम्बन्ध न बनाये जिसका मतलब है कि योनि, गुदा या मुख मैथुन आदि नहीं करना चाहिए। 
  6. डर, संकोच या शर्म जैसी चीजों का त्याग करके डॉक्टर से सलाह लेना चाहिए। यौन संचारित रोग के लक्षण दिखने पर डॉक्टर से जरूर सलाह लेनी चाहिए। 

यौन संचारित रोग (STDs) या यौन संचारित संक्रमण (STIs) का उपचार जानने के लिए आप हमारे डॉक्टर से परामर्श कर सकते है और किसी भी सेक्स समस्याओं के समाधान की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।

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