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जानिए बवासीर के कारण, लक्षण और घरेलू उपचार (Causes, Symptoms and Home Remedies of Piles)

बवासीर दर्दनाक होने के साथ साथ शर्मनाक भी होता हैं बहुत से लोग ऐसे होते है जो यह समस्या होने पर भी दूसरे को बताने में शर्म महसूस करते हैं। इस बीमारी का समय पर इलाज या उपचार करना जरूरी होता हैं। चलिए जानते है बवासीर के लक्षण, कारण और बवासीर की समस्या से छुटकारा पाने के रामबाण घरेलू उपचार।

बवासीर क्या होता है (What is Piles in Hindi)

बवासीर एक ख़तरनाक बीमारी होती हैं इसको पाइल्स भी कहते है इस बीमारी में व्यक्ति के एनस के अंदरी और बाहरी हिस्से में सूजन हो जाती है जिसकी वजह से उनको काफी दर्द होता है। इससे पीड़ित व्यक्ति को उठने-बैठने और मल त्यागने में परेशानी होती है। 

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बवासीर (piles) में मलाशय और गुदा में मौजूद नसों में तनाव और सूजन आ जाती है। यह दो प्रकार की होती है खूनी बवासीर और बादी बवासीर। इससे पीड़ित व्यक्ति शर्म के कारण इसका इलाज नहीं करवाते जिससे यह एक घातक समस्या बन जाती है।

बवासीर के लक्षण (Symptoms of Piles in Hindi)

शुरूआती समय में बवासीर के लक्षण पता नहीं चलते है अगर यह गंभीर स्थिति में न पहुंचा हो तो 5 से 6 दिनों में ठीक हो जाता है बवासीर के कुछ लक्षण नीचे दिए गए है:

  • मल त्यागते समय जोर लगाना और उसके बाद लाल खून आना। 
  • बार बार शौच जाने के बाद भी ऐसा लगाना जैसे पेट साफ़ न हुआ हो।
  • मल त्याग करते समय दर्द और जलन होना।
  • गुदा के आस पास सूजन दर्द और खुजली होना। 
  • बार बार शौच जाना लेकिन मल न त्याग पाना। 

बवासीर के कारण (Causes of Piles in Hindi)

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बवासीर एक ख़तरनाक और दर्दनाक बीमारी होती है इस समस्या के निम्न कारण हो सकते है:-

कब्ज:-

कब्ज के कारण मल त्यागते समय ज़ोर लगाने के कारण गुदा के आस पास की नसों में दर्द और दबाव के कारण बवासीर होने की सम्भावना होती है इसलिए जब भी कब्ज की समस्या हो तो तुरंत इलाज करवाना चाहिए।

गर्भावस्था:-

गर्भावस्था के दौरान बवासीर होना आम बात होती है यह गर्भ में शिशु की वजह से पड़ने वाले दबाव के कारण होती है गर्भावस्था के समय हार्मोन में होने वाला परिवर्तन भी इसका एक कारण हो सकता है। 

अधिक वजन उठाना:-

अधिक वजन उठाने से भी यह समस्या हो सकती है अधिक वजन उठाते समय साँस रोकने से गुदा पर तनाव पड़ता है ऐसा लम्बे समय तक करने से नसों में सूजन होने का जोखिम बना रहता है अधिक समय तक खड़े और बैठे रहने से भी बवासीर होने का डर बना रहता है। 

आनुवंशिकता:-

आनुवंशिकता के कारण भी बवासीर होने का डर बना रहता है यदि परिवार में किसी को यह बीमारी हो तो आनुवंशिकता के कारण आपको भी यह समस्या हो सकती है।

अधिक उम्र:-

बवासीर से बचाव करने वाले ऊतक उम्र के साथ साथ कमजोर हो जाते हैं इसके कारण यह समस्या हो सकती है। 

अधिक मोटापा:-

अत्यधिक मोटापा भी बवासीर का कारण हो सकता है। 

और पढ़ें:- यौन संचारित रोग:- लक्षण, प्रकार और उपचार

बवासीर का घरेलू इलाज (Home remedies for Piles in Hindi)

बवासीर एक ऐसी दर्दनाक बीमारी होती है जिसका समय पर उपचार या इलाज न किया जाए तो यह एक गंभीर समस्या बन सकती है इससे ग्रस्त व्यक्ति को बेहतर और प्रभावी परिणामों के लिए आयुर्वेदिक और घरेलू उपचार का पालन करना चाहिए:

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छाछ का सेवन करें:-

बवासीर की समस्या को दूर करने में छाछ बहुत उपयोगी होता है एक गिलास छाछ में एक चुटकी नमक और एक चौथाई चम्मच अजवाइन को मिलाकर रोजाना पिएं। यह बवासीर को ठीक करने में बहुत प्रभावी होता है। 

काले जीरे का सेवन करें:-

काला जीरा बवासीर की समस्या को दूर करने के लिए बहुत फायदेमंद होता है। भारत में इसका इस्तेमाल व्यापक रूप से किया जाता है काले जीरे के पाउडर और पानी से गाढा पेस्ट बनाएं और सूजन वाली जगह पर 15 मिनट के लिए लगाएं।

लहसून का सेवन करें:-

लहसून बवासीर की समस्या के साथ साथ और भी तरह की यौन समस्या को दूर करने में मदद करता है। लहसून को लिंग बढ़ाने का उपाय भी माना जाता है। यह दर्दनाक बवासीर को दूर करने का सबसे अच्छा उपचार होता है। लहसून बवासीर में दर्द और सूजन को कम करने में मदद करता है रोजाना कच्चे लहसून खाने से रोगाणु नष्ट हो जाते है।

मूली का सेवन करें:-

बवासीर की समस्या को दूर करने में मूली का उपयोग करना बहुत अच्छा होता है आधा गिलास मूली के रस में एक चुटकी नमक डालकर दिन में 2 बार पिएं। 

पपीता का सेवन करें:-

पपीता भी बवासीर की समस्या को दूर करने में बहुत फायदेमंद होता है पपीता खनिज और विटामिन का एक समृद्व स्त्रोत होता है। पपीता में शक्तिशाली पाचन एंजाइम पपैन होता है जो रक्त स्त्राव, कब्ज और बवासीर का इलाज करने के लिए अच्छा फल माना जाता है। 

दूध और नींबू का सेवन करें:-

दूध और नींबू का सेवन बवासीर में बहुत लाभदायक होता है एक गिलास गर्म दूध में नींबू का रस निचोड़ कर तुरंत पी लें अगर खून का ज्यादा स्त्राव हो रहा हो तो आप इस उपचार का रोजाना सेवन करें। 

नीम का सेवन करें:-

नीम से बवासीर की समस्या को दूर किया जा सकता है आयुर्वेदिक जड़ी बूटियों की बात हो तो नीम का सबसे पहले नाम आता है नीम के रस का उपयोग जलन और खुजली दूर करने के लिए दूर किया जाता है।

एलोवेरा रस का सेवन करें:-

बवासीर की समस्या को दूर करने में एलोवेरा रस बहुत उपयोगी माना जाता है एलोवेरा बाहरी और आंतरिक बवासीर से छुटकारा पाने की शक्तिशाली जड़ी बूटी है यह सूजन को कम करने और गुदा में दर्द और जलन को कम करने में मदद करता है।

ईसबगोल का सेवन करें:-

ईसबगोल सभी बवासीर पीड़ितों के लिए रामबाण इलाज होता है एक गिलास गर्म दूध और पानी में ईसबगोल भूसी को एक चम्मच मिलाएं और रोजाना सोते समय पिएं। यह मल त्याग करते समय दर्द को कम करता है। 

अरंडी के तेल का सेवन करें:-

अरंडी का तेल जिससे कैस्टर ऑयल भी कहते है यह सबसे अच्छा बवासीर का उपाय माना जाता है क्योंकि इसमें ऑक्सीकरण रोधी गुण होते है अरंडी के तेल में जीवाणुओं से होने वाले संक्रमण रोग को दूर करने की क्षमता होती है। रात को सोते समय दूध के साथ 3 मिलीलीटर कैस्टर ऑयल को लेने से यह बवासीर की दवा की तरह काम करता है।  

डॉक्टर से परामर्श करें:-

यदि आपको बवासीर की समस्या के लक्षण दिखाई दे तो आपको बिना शर्म के डॉक्टर से सलाह करनी चाहिए बवासीर की दवा का सेवन बिना डॉक्टर की सलाह के न करें आप किसी भी सेक्स समस्या का उपचार जानने के लिए हमारे डॉक्टर से संपर्क कर सकते है।

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